रोहिणी परिज्ञापी (साउंडिंग) रॉकेट

रोहिणी परिज्ञापी रॉकेट दो चरणीय रॉकेट है। यह किसी पेलोड को 70 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम है।

अनुप्रयोगः उच्च वायुमंडलीय क्षेत्रें की जांच करना, अंतरिक्ष अनुसंधान करना; प्रक्षेपण यानों और उपग्रहों में उपयोग के लिए लक्षित नए घटकों/उप-प्रणालियों के प्रोटोटाइप का परीक्षण करना या सिद्ध करना आदि।

  • भारत का प्रथम परिज्ञापी रॉकेट वर्ष 1963 में थुम्बा से प्रक्षेपित किया गया था। इस प्रक्षेपण को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत माना जाता है।
  • इसरो ने वर्ष 1965 में स्वदेशी परिज्ञापी रॉकेट लॉन्च करना शुरू किया था।