​​राम नंदन समिति

गठनः अन्य पिछड़े वर्गों में क्रीमी लेयर की पहचान करना। समिति ने अपनी रिपोर्ट वर्ष 1993 में प्रस्तुत की।

सिफारिशः संसद की सिफारिश को स्वीकार करते हुए वर्ष 1993 में पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया।