धान शोधान निवारण अधिानियम (PMLA), 2002

धन शोधन की समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2002 धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 में पेश किया गया था, जिसे वर्ष 2005 में अधिनियमित किया गया था। धन शोधन की प्रक्रिया के माध्यम से कोई व्यक्ति अवैध धन को वैध धन में बदल देता है।

  • इसे धन शोधन की समस्या से निपटने के लिए भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता (वियना कन्वेंशन सहित) की अनुक्रिया में अधिनियमित किया गया था। यह धन शोधन इसके साथ होने वाले नशीले एवं स्वापक पदार्थों के व्यापार और संगठित अपराध से उत्पन्न होता है।

PMLA अधिनियम के उद्देश्यः धन शोधन का निवारण एवं नियंत्रण करना, धन शोधन से प्राप्त संपत्ति को जब्त करना तथा अधिहरण करना; भारत में धन शोधन से जुड़े किसी अन्य मुद्दे से निपटना है।

  • इस अधिनियम के तहत, ED को धन शोधन से संबंधित जांच करने का अधिकार है।