यह उन आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने का प्रयास करता है, जिन्होंने आपराधिक मुकदमे का सामना करने से बचने के लिये देश छोड़ दिया है या अभियोजन का सामना करने के लिये देश लौटने से इनकार कर दिया है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO), एक ऐसा व्यत्तिफ़ जिसके खिलाफ अनुसूची में दर्ज किसी अपराध के संबंध में गिरफ्रतारी वारंट जारी किया गया है और इस अपराध का मूल्य कम-से-कम 100 करोड़ रुपए है।
इस कानून को लाने का मूल उद्देश्यः कानूनी कार्रवाई से बचने के लिये देश छोड़ने वाले आर्थिक अपराधियों को रोकना है।