प्रदूषण और स्वास्थ्य रिपोर्ट

मई, 2022 में द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ (The Lancet Planctary Health) में प्रकाशित एक रिपोर्ट ‘प्रदूषण और स्वास्थ्यः एक प्रगति अद्यतन’ के अनुसार, वर्ष 2019 में भारत में 16.7 लाख मौतों या कुल मौतों के 17.8% के लिये वायु प्रदूषण ही मुख्य रूप से एक जिम्मेवार कारक था।

  • कुल मिलाकर वर्ष 2019 में पूरी दुनिया में लगभग 90 लाख लोगों की प्रदूषण की वजह से मौत हुई। वैश्विक स्तर पर समय से पहले होने वाली हर छः मौतों में से एक मौत प्रदूषण के कारण हुई, जो यह दर्शाता है कि वर्ष 2015 के पिछले आकलन में कोई सुधार नहीं हुआ है।
  • 45 लाख मौतों के लिये परिवेशी वायु प्रदूषण तथा 17 लाख मौतों के लिए खतरनाक रासायनिक प्रदूषक जिम्मेदार थे, जिसमें 9 लाख मौतें लेड प्रदूषण के कारण हुईं।
  • भारत में वायु प्रदूषण से संबंधित 16.7 लाख मौतों में से अधिकांश, लगभग 9.8 लाख मौतें PM2.5 प्रदूषण के कारण हुईं तथा अन्य 6.1 लाख मौतें परिवेशी वायु प्रदूषण के कारण हुईं।
  • सिंधु गंगा के तटीय मैदानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण सबसे गंभीर समस्या है। इस क्षेत्र में नई दिल्ली और कई सबसे प्रदूषित शहर शामिल हैं।