नीदरलैंड के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किये गए एक अध्ययन में पहली बार मानव रक्त में माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics) की उपस्थिति पाई गई है। वैज्ञानिकों द्वारा लिए गए 80 प्रतिशत रक्त नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है।
शोधकर्ता के अनुसार जब माइक्रोप्लास्टिक सनस्क्रीन जैसे उत्पादों में उपयोग किए जाने वाले यूवी फिल्टर क्रोमियम धातु के सम्पर्क में आते हैं तो यह उसे और अधिक विषाक्त बना सकते हैं।
लगभग 50 प्रतिशत नमूनों में पीईटी प्लास्टिक (PET plastic) पाया गया है, आमतौर पर पीईटी प्लास्टिक का उपयोग पेय पदार्थों की बोतलों को बनाने में किया जाता है।
माइक्रोप्लास्टिक पांच मिलीमीटर से कम लंबाई के छोटे प्लास्टिक के टुकड़े हैं, जो हर जगह प्रदूषण फैला रहे हैं।