इसका आरम्भ 2005 में वर्तमान दौर में दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय एकीकरण की आवश्यकता से सम्बन्धित था, जिसमें वैश्विक शांति, मित्रता एवं सौहार्द्रपूर्ण संबंधों पर बल प्रदान करते हुए गुजराल सिद्धांत की प्राथमिकता को स्वीकार कर लिया गया है।
यह नीति अपने पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने से है, अर्थात ‘पड़ोस पहले’ (Neighbourhood first) को महत्व प्रदान करता है। यह भारत की सॉफ्रट पॉवर पॉलिसी का एक माध्यम है। क्योंकि भारत के संदर्भ में उसके पड़ोसी देशों में ‘बिग ब्रदर’ सिंड्रोम का भाव समाप्त करना तथा चीन स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ (String of Perls) की नीति से अपने आपको बचाना चाहता है।