9 मार्च 2016 को भारतीय संसद में राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016 पारित किया गया, जिसे राष्ट्रपति के मंजूरी मिलने के बाद 12 अप्रैल 2017 से भारत सरकार की अधिसूचना के माध्यम से इसे लागू किया गया।
इस अधिनियम में 111 नदियों, उनके निश्चित भागों, खाडि़यों व नदियों के मुहानों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है। ये जलमार्ग 24 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरते हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 20,274 किलोमीटर है।
इस कानून को पारित होने से केंद्र सरकार को यंत्र चलित जलयानों के संबंध में जहाजरानी, नौ-परिवहन और यातायात के लिए इन जलमार्गों के विकास का अधिकार मिल गया है।