स्वीकृतिः दिसंबर 2019 में (राष्ट्रपति द्वारा)।
गठन का सुझावः प्रो- रंजीत रॉय चौधरी समिति (2015)।
विशेषताएं: इस अधिनियम के माध्यम से भारतीय चिकित्सा परिषद को एक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के द्वारा प्रतिस्थापित के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाएगा।