इसका प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं की प्रतिक्रिया का समन्वय करना और आपदा से निपटने एवं संकटकालीन प्रतिक्रिया हेतु क्षमता निर्माण करना है।
यह आपदाओं के लिये समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिये आपदा प्रबंधन हेतु नीतियों, योजनाओं व दिशा निर्देशों को निर्धारित करती है।