राष्ट्रीय स्वच्छ वायु अभियान वर्ष 2019 में आरम्भ किया गया, उद्देश्य भारत के 131 सबसे प्रदूषित शहरों में वायु प्रदूषण को कम करना है।
लक्ष्यः इसका लक्ष्य शुरू में वर्ष 2017 के स्तर पर वर्ष 2024 तक प्रदूषण में 20%-30% की कटौती करना था, लेकिन अब इसे वर्ष 2025-26 तक 40% तक कम करने के लिये संशोधित किया गया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रलय द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2022: ये एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है।
राष्ट्रीय डैशबोर्डः केंद्रीय मंत्रलयों/विभागों, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों सहित सभी हितधारकों को एक स्थान पर लाने एवं एकल उपयोग प्लास्टिक और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के उन्मूलन और प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए की गई प्रगति को ट्रैक करने हेतु इसकी शुरुआत की गई है।
शुभंकरः केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने 5 अप्रैल, 2022 को प्रभावी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक शुभंकर ‘प्रकृति’ और ‘हरित’ नाम से आरंभ किया।