कस्तूरीरंगन ने पश्चमी घाट को सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक भूदृश्य में बांटा। पर्यावरण को नुकसान करने वाली गतिविधियों पर रोका और खदानों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया।
नए तापीय संयंत्र पर रोक लगाई।
कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट ने पश्चिमी घाट के कुल क्षेत्रफल के 37 प्रतिशत को पारिस्थितिकीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र (ECO-Sensitive Aera- ESA) घोषित करने का प्रस्ताव दिया है।