​अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (आईवाईएम) 2023

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मार्च 2021 के दौरान अपने 75वें सत्र में 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (आईवाईएम) घोषित किया।

  • मोटा अनाज उच्च पोषण मूल्य वाला स्मार्ट भोजन है, जो जलवायु के अनुकूल है, और संयुत्तफ़ राष्ट्र के कई सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) के अनुरूप है।
  • यह फसल आजीविका सृजित करने, किसानों की आय बढाने और पूरी दुनिया में ऽाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी विशाल क्षमता के कारण इनका अत्यधिक महत्व है।

अन्य तथ्य

  • भारत बाजरा का 50.9 मिलियन टन (चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार) से अधिक मोटा अनाज का उत्पादन करता है, जो एशिया के 80 प्रतिशत और वैश्विक उत्पादन का 20 प्रतिशत है।
  • मोटे अनाज वैश्विक औसत उपज 1229 किग्रा/हेक्टेयर है, जबकि भारत में उच्च औसत उपज 1239 किग्रा/हेक्टेयर है।
  • भारत में, मोटा अनाज मुख्य रूप से खरीफ की फसल है, जो ज्यादातर वर्षा आधारित परिस्थितियों में उगाई जाती है।
  • मोटे अनाज के पोषण मूल्य को देखते हुए, सरकार ने अप्रैल 2018 में मोटे अनाज को पोषक-अनाज के रूप में अधिसूचित किया।
  • बजट 2023-24 के अनुसार भारत को ‘श्री अन्न’ (पोषक अनाज/कदन्न) हेतु एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिये ‘भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद’ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेत्तम प्रथाओं, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकियों को साझा करने हेतु उत्कृष्टता केंद्र के रूप में समर्थन दिया जाएगा।