गुरुपदस्वामी समिति, 1979

गठनः बाल श्रम के मुद्दे का अध्ययन करने के लिए किया गया था।

समिति की अनुशंसाः इसने कामकाजी बच्चों की समस्याओं से निपटने में बहु-नीतिगत दृष्टिकोण अपनाने की अनुशंसा की थी।

इस समिति की सिफारिशों के आधार पर बाल-मजदूरी (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम को 1986 में लागू किया गया था। इस अधिनियम के द्वारा कुछ विशिष्टीकृत खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं में बच्चों के रोजगार पर रोक लगाई गई है और अन्य आयु वर्ग के लिए कार्य करने की शर्तों का निर्धारण किया गया है।