गंगा नदी डॉल्फि़न

नवम्बर, 2022 में, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, नमामि गंगे कार्यक्रम के माध्यम से गंगा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसके साथ में गंगा नदी में पाए जाने वाले डॉल्फिन की आबादी में बढ़त दर्ज की गई है।

  • उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, 2014 में शुरू नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 23 परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इससे वृहद् मात्रा में गंदे सीवेज के जल को गंगा में बहने से सफलतापूर्वक रोका गया है।
  • 2014-2022 की अवधि के दौरान 20 स्थानों पर नदी के पानी की गुणवत्ता का आकलन किया गया और घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen-DO) और बायोकेमिकल डिमांड (Biochemical Demand - BOD) मापदंडों में भी काफी सुधार हुआ है।
  • इसे IUCN की रेड लिस्ट में लुप्तप्राय (Endangered) श्रेणी में, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में तथा CITES के परिशिष्ट 1 में सूचीबद्ध किया गया है।