इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत पेट्रोल जैसे मुख्य मोटर वाहन ईंधन में इथेनॉल समिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उद्देश्यः पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण कर पर्यावरण को जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से बचाना, किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाना तथा कच्चे तेल के आयात को कम कर विदेशी मुद्रा बचाना आदि।

  • वर्तमान ईबीपी कार्यक्रम के तहत तेल विपणन कंपनियों के लिए पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाना अनिवार्य बनाया गया है।
  • इथेनॉल का उत्पादन मक्का, गत्रा, गेहूँ आदि से किया जा सकता है। भारत में इथेनॉल मुख्य रूप से किण्वन प्रक्रिया द्वारा निर्मित होता है।

जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीतिः नीति का उद्देश्य 2030 तक जीवाश्म आधारित ईंधन के साथ जैव ईंधन के 20% मिश्रण को प्राप्त करने के सांकेतिक लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।

राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रमः नवंबर, 2022 को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि वह पहले चरण के लिए 858 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ 2025-26 तक राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम जारी रखेगा।

  • यह कार्यक्रम देश में उपलब्ध विशाल अधिशेष बायोमास, मवेशियों के गोबर, औद्योगिक एवं शहरी बायोवेस्ट के उपयोग में ऊर्जा वसूली के लिए सहायता करेगा।

बायोमास विद्युत और सह-उत्पादन कार्यक्रमः इसका मुख्य उद्देश्य ग्रिड बिजली उत्पादन के लिए देश के बायोमास संसाधनों के इष्टतम उपयोग के लिए प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा मिशनः ये राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के अंतर्गत शामिल 8 मिशनों में से एक था, जिसे वर्ष 2017 में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया था।

  • यह राष्ट्रीय मिशन बायो-एनर्जी सिटी प्रोजेक्ट बनाने, पारंपरिक बायोमास उपभोग करने वाले क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और बायोमास प्रसंस्करण सुविधाओं के लिए रसद सहायता प्रदान करने के लिए कार्य करता है।