दक्षिण एशिया की आर्थिक कूटनीति

यह वस्तुतः देशों के मध्य परस्पर सम्बन्धों के सतत संचालन में आर्थिक साधनों के उपयोग को चिह्नित करता है, जिसके प्रमुख उद्देश्य हैं-

  • इस क्षेत्र के एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में भारत की पहचान स्थापित करना।
  • ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
  • निर्यात तथा विदेशों में भारतीय व्यवसायों को बढ़ावा देना।
  • भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा देकर विदेशी संसाधनों तक उसकी पहुंच स्थापित करना।
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक वार्ता को आगे बढ़ाना।

दक्षेस

  • दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (South Asian Association for Regional Cooperation-SAARC) सार्क
  • स्थापनाः 8 दिसंबर, 1985
  • मुख्यालयः काठमांडू, नेपाल
  • आधिकारिक भाषाः अंग्रेजी
  • प्रथम सम्मेलन- ढाका, बांग्लादेश (1985)
  • 8 सदस्य देश- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, भूटान तथा अफगानिस्तान
  • 9 पर्यवेक्षक देश- संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ईरान, चीन, म्यांमार, मॉरीशस, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया तथा यूरोपियन यूनियन
  • 14वें शिखर सम्मेलन के दौरान ‘अफगानिस्तान’ को इस संगठन का आठवां सदस्य बनाया गया।