इस घोषणा-पत्र में पर्यटन क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार, पर्यटन क्षेत्र वर्ष 2024 के मध्य तक महामारी-पूर्व की स्थिति प्राप्त कर लेगा।
भारत में कई विश्व विरासत स्थल, जैव-भौगोलिक क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान, समुद्र तट आदि हैं। इसका अलावा, भारत समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता से परिपूर्ण है।
घोषण-पत्र की मुख्य विशेषताएंः
वर्ष 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में पर्यटन का योगदान बढ़कर 250 अरब डॉलर तक हो सकता है।
वर्ष 2047 तक एक ट्रिलियन डॉलर के राजस्व लक्ष्य के साथ भारत को पर्यटन में विश्व में अग्रणी बनाना है।