केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जुलाई 2021 में देश के जमा बीमा कानूनों (deposit insurance laws) में परिवर्तन को मंजूरी प्रदान की। यह विधेयक जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम अधिनियम 1961 का स्थान लेगा।
प्रमुख प्रावधानः
नए विधेयक में किसी बैंक को रिजर्व बैंक द्वारा स्थगन (moratorium) के तहत रखे जाने की स्थिति में 90 दिनों के भीतर खाताधारक को 5 लाख रुपये तक की धनराशि प्रदान की जाएगी।
विधेयक में जमाकर्ताओं को उनकी बीमित जमा राशि तक समयबद्ध तरीके से पहुंच प्रदान करने का प्रावधान है।
जमा बीमा प्रीमियम में भी तत्काल प्रभाव से 20% और अधिकतम प्रीमियम सीमा 50% की वृद्धि की गई है।
यह विधेयक बैंकिंग प्रणाली में जमाकर्त्ताओं के 98.3% और जमा मूल्य के 50.9% हिस्से को कवर करेगा, जो कि वैश्विक स्तर पर क्रमशः 80% और 20.30% से अधिक है।
इसके तहत सभी प्रकार के बैंक शामिल होंगे, जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक भी शामिल हैं।