अनुच्छेद 14ः इसके अनुसार राज्य भारत के राज्य क्षेत्र में किसी व्यत्तिफ़ को विधि के समक्ष समता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।
अनुच्छेद 15ः इसके अनुसार यह व्यवस्था की गई है कि राज्य किसी नागरिक के प्रति केवल धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान को लेकर विभेद नहीं करेगा।
अनुच्छेद 16ः इसके अनुसार राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन या नियुत्तिफ़ से संबंधित विषयों में सभी नागरिकों के लिए अवसर की समता होगी।
अनुच्छेद 21ः इसके अनुसार किसी व्यत्तिफ़ को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं।