मामलाः सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में जाति-आधारित आरक्षण।
निर्णयः इसमें उच्चतम न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस निर्णय को यथावत रखा, जिसने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में जाति-आधारित आरक्षण के संबंध में वर्ष 1927 के सरकारी आदेश को रद्द कर दिया था।