जैव-आणविक तंत्र

आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने हाल ही में प्रोटीन समूहों के निर्माण के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण जैव-आणविक तंत्र (Biomolecular Mechanism For The Formation of Protein) की खोज की है, जो अक्सर अल्जाइमर रोगियों में पाया जाता है।

  • §इस शोध कार्य में इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्रलोरिडा के शोधकर्ताओं ने सहयोग किया है।

मुख्य बिंदुः शोधकर्ताओं का कहना है कि कोशिका के भीतर लगभग हर प्रक्रिया के लिए प्रोटीन आवश्यक है।

  • सिंथेटिक बायोलॉजी में विभिन्न विषयों, जैसे जैव प्रौद्योगिकी, जेनेटिक इंजीनियरिंग, आणविक जीव विज्ञान, आणविक इंजीनियरिंग, सिस्टम जीव विज्ञान, झिल्ली विज्ञान, बायोफिजिक्स, केमिकल और बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की विभिन्न तकनीकें शामिल हैं।

सिंथेटिक बायोलॉजी

  • सिंथेटिक (synthetic biology-SynBio) जीव विज्ञान की एक शाखा है, जिसमें इंजीनियरिंग के सिद्धांतों के अनुप्रयोग द्वारा जीवों को रिडिजाइन (redesign) किया जाता है।
  • यह अनुसंधान का बहु विषयक क्षेत्र है, जो नए जैविक भागों, उपकरणों और प्रणालियों को बनाने के लिए प्रकृति में पाए जाने वाले जैविक पदार्थों को पुनः डिजाइन करने का प्रयास करता है।
  • दवा, विनिर्माण और कृषि में समस्याओं को हल करने के लिए दुनिया भर में सिंथेटिक जीवविज्ञान शोधकर्ताओं और कंपनियों द्वारा प्रकृति की शक्ति का उपयोग किया जा रहा है।