आईटी नियम, 2021 में संशोधान

हाल ही में सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 में संशोधनों को अधिसूचित किया।

उद्देश्यः इनका उद्देश्य देश के नागरिकों के लिये इंटरनेट को सुलभ, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाना है।

आईटी नियम, 2021 में प्रमुख संशोधनः वर्तमान में मध्यस्थों को केवल उपयोगकर्त्ताओं के लिये निकारक/गैरकानूनी सामग्री की कुछ श्रेणियों को अपलोड नहीं करने के बारे में सूचित करने की आवश्यकता है। ये संशोधन उपयोगकर्त्ताओं को ऐसी सामग्री अपलोड करने से रोकने के लिये उचित प्रयास करने हेतु मध्यस्थों पर एक कानूनी दायित्व आरोपित करते हैं। नया प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि मध्यस्थ का दायित्त्व केवल एक औपचारिकता नहीं है।

  • इस संशोधन में मध्यस्थों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत उपयोगकर्त्ताओं को मिले अधिकारों का सम्मान करने की आवश्यकता है, इसलिये इसमें उचित तत्परता, गोपनीयता और पारदर्शिता की अपेक्षा की गई है।
  • मध्यस्थ के नियमों और विनियमों के प्रभावी संचार हेतु यह महत्त्वपूर्ण है कि संचार क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में भी किया जाए।
  • आईटी नियम, 2021: प्रमुख तौर पर IT नियम (2021) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने प्लेटफॉर्म पर सामग्री के संबंध में अधिक सक्रिय रहने के लिये बाध्य करता है।
  • उन्हें एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैर-कानूनी एवं अनुपयुक्त सामग्री को हटाने की आवश्यकता होती है।
  • प्लेटफॉर्म के निवारण तंत्र का शिकायत अधिकारी उपयोगकर्त्ताओं की शिकायतों को प्राप्त करने और हल करने के लिये जिम्मेदार है।
  • बिचौलिये ऐसी सामग्री की शिकायतों की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर इसे हटाएंगे, जो व्यक्तियों की निजता को उजागर करती है, ऐसे व्यक्तियों को पूर्ण या आंशिक नग्नता या यौन क्रिया में दिखाती हैं या प्रतिरूपण की प्रकृति में हैं, जिसमें मॉफ्रर्ड इमेज आदि शामिल हैं।