ओम्निबस एसआरओ फ्रेमवर्क: भारतीय रिजर्व बैंक
हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी विनियमित संस्थाओं (RE) के लिए स्व-नियामक संगठनों (SRO) को मान्यता देने के लिए ओम्निबस फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की घोषणा की है।
- रूपरेखा का उद्देश्य विनियमित संस्थाओं (RE) के बढ़ते संचालन और नवीन प्रौद्योगिकियों को अपनाने के साथ-साथ स्व-नियमन के लिए उद्योग मानकों में सुधार करना है।
- ऑम्निबस फ्रेमवर्क स्व-नियामक संगठनों (SRO) को मान्यता देने के लिए दिशा-निर्देशों और विनियमों का एक व्यापक सेट है।
- ओम्निबस एसआरओ (Omnibus SRO) ढांचा क्षेत्र की परवाह किए बिना सभी एसआरओ के लिए सामान्य उद्देश्य, कार्य, पात्रता मानदंड और शासन मानक निर्धारित करता है।
- यह ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 'श्वेत क्रांति 2.0' पर मानक संचालन प्रक्रिया
- 2 महामारी निधि परियोजना
- 3 भारत के कपड़ा क्षेत्र पर व्यापार संबंधी आंकड़े
- 4 700 अरब डॉलर से अधिक का फॉरेक्स रिजर्व
- 5 बहुपक्षीय विकास बैंकों की स्थापना में ग्लोबल साउथ का योगदान
- 6 चार एनबीएफसी को ऋण देने पर रोक
- 7 खनिज सुरक्षा भागीदारी वित्त नेटवर्क
- 8 एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल का शुभारंभ
- 9 डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी
- 10 जल विद्युत परियोजनाओं हेतु बजटीय सहायता की योजना में संशोधन
- 1 T+0 सेटलमेंट के बीटा संस्करण हेतु मंजूरी
- 2 गैर-सरकारी संगठनों के लिए FCRA पंजीकरण का विस्तार
- 3 जीएसटी की जांच हेतु नए दिशा-निर्देश
- 4 वैकल्पिक निवेश कोष के संदर्भ में आरबीआई के नए दिशा-निर्देश
- 5 तेल रहित चावल की भूसी के निर्यात प्रतिबंध में बढ़ोत्तरी
- 6 भौगोलिक संकेतक (GI) टैग की अद्यतन सूची
- 7 उपभोक्ता अधिाकारों की रक्षा के लिए पहल