संयुक्त राष्ट्र समुद्र विधिा अभिसमय

संयुक्त राष्ट्र समुद्र विधि अभिसमय (United Nations Convention on the Law of the Sea: UNCLOS) को पहली बार 10 दिसंबर, 1982 को जमैका के मोटिंगो- वे में हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत किया गया था।

  • भारत ने इसे 1982 में अपनाया था और 1995 में इसकी अभिपुष्टि (Ratification) की थी।
  • UNCLOS महासागरीय क्षेत्रें के विनियमन और उनके संसाधनों के उपयोग के लिए निर्धारित नियमों का एक समूह है।
  • UNCLOS महासागरीय क्षेत्र से जुड़े सभी पहलुओं को विनियमित करता है। इसके कार्य क्षेत्रें में निम्नलिखित शामिल हैं:
    • परिसीमन, पर्यावरण नियंत्रण, समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान;
    • आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियां:
    • प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण तथा
    • महासागर से संबंधित विवादों का निपटान।
  • खुले समुद्री क्षेत्रों में पायरेसी से निपटने के लिए, UNCLOS सदस्य देशों को यह अधिकार प्रदान करता है कि वे समुद्री लुटेरों द्वारा कब्जा किए गए जहाज या विमान या पोत को अपने अधिकार में रख लें।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पायरेसी को प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सार्वभौमिक अधिकार क्षेत्र वाले अपराध के रूप में मान्यता प्रदान की है।