ट्रिपल टेस्ट फ़ार्मूला

इलाहबाद उच्च न्यायलय द्वारा उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को रद्द करते हुए जल्दी चुनाव कराने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जब तक ट्रिपल टेस्ट न हो, तब तक ओबीसी आरक्षण नहीं होगा, सरकार या निर्वाचन आयोग बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवा सकता है।

फॉर्मूला के प्रावधानः इस फार्मूला में निम्नलिखित प्रावधान को शामिल किया गया हैः

  • OBC आरक्षण से पहले पिछड़ा आयोग का गठन।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग की आर्थिक-सामाजिक स्थिति जानना।
  • आयोग की सिफारिशों के आधार पर आरक्षण लागू हो।
  • आनुपातिक आधार पर स्थानीय निकाय में हो आरक्षण।
  • SC, ST, OBC आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं हो।
  • उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए 22 मार्च, 1993 को आयोग बनाया गया था। उसी के आधार पर 2017 में भी निकाय चुनाव करवाए गए थे। जिस ट्रिपल टेस्ट की बात कही गई है, उसका पालन करते हुए उत्तर प्रदेश में बैकवर्ड क्लास को आरक्षण देने के लिए डेडीकेटेड कमीशन बना हुआ है और उसके आधार पर ही आरक्षण दिया गया है, जो 50 फीसदी से अधिक नहीं है।