प्रधाानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके)

पीएमजेवीके एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका कार्यान्वयन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रलय द्वारा किया जा रहा है।

उद्देश्यः निर्धारित क्षेत्रें के सामाजिक-आर्थिक विकास की कमी वाले चिन्हित क्षेत्रें में बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं, जो सामुदायिक संपत्ति हैं, को विकसित करना है।

  • सरकार ने साल 2021-22 में संशोधित पीएमजेकेवी 15वें वित्त आयोग चक्र यानी वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान जारी रऽने को मंजूरी दी है।
  • इस योजना के तहत परियोजनाओं को उन चिन्हित क्षेत्रें में अनुमोदित किया जाता है, जहां अल्पसंख्यक आबादी की सघनता (15 किलोमीटर का दायरा) में 25 फीसदी से अधिक है।
  • इस योजना के तहत साल 2021-22 में विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें विद्यालय भवन, आवासीय विद्यालय, छात्रवास, आईटीआई, स्वास्थ्य परियोजनाएं जैसे कि अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, सद्भाव मंडप, सामुदायिक भवन, खेल परियोजनाएं जैसे कि खेल परिसर, कामकाजी महिला छात्रवास आदि शामिल हैं।

अल्पसंख्यक स्कूलों का राष्ट्रव्यापी मूल्यांकन

  • अगस्त 2021 में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने अल्पसंख्यक स्कूलों का राष्ट्रव्यापी मूल्यांकन किया।
  • रिपोर्ट का शीर्षकः ‘अल्पसंख्यक समुदायों की शिक्षा पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A के संबंध में अनुच्छेद 15(5) के तहत छूट का प्रावधान है’।
  • मूल्यांकन का उद्देश्यः यह आंकलन करना था कि भारतीय संविधान में 93वां संशोधन, जो अल्पसंख्यक संस्थानों को शिक्षा के अधिकार के अनिवार्य प्रावधानों से छूट देता है, अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को कैसे प्रभावित करता है।