पावर्टी एंड शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी रिपोर्ट, 2022

हाल ही में, विश्व बैंक (WB) ने पावर्टी एंड शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी, 2022 रिपोर्ट जारी की है।

रिपोर्ट से संबंधित प्रमुख तथ्यः कोरोना महामारी की वजह से 2020 में वैश्विक चरम गरीबी दर बढ़कर लगभग 9.3% हो गई है, जो वर्ष 2019 में यह 8.4% के स्तर पर थी।

  • वर्ष 2019 में दुनिया की लगभग आधी आबादी (47%) गरीबी में जीवन यापन कर रही थी।
  • 2020 को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक वर्ष के रूप में चिन्हित किया गया है क्योंकि-
  • इस वर्ष दशकों में पहली बार वैश्विक असमानता में वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में विश्व की सबसे गरीब 40% आबादी की आय में हुआ नुकसान, सबसे अमीर 20% लोगों की तुलना में दोगुना था।
  • वर्ष 2020 में पहली बार वैश्विक औसत आय में गिरावट (4% की) दर्ज की गई।

भारत से संबंधित निष्कर्षः सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या में 5.6 करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई थी।

  • कोविड-19 के दौरान वैश्विक स्तर पर गरीबी में पहुंचने वाली कुल 7 करोड़ आबादी में लगभग 80% लोग भारत से थे