हाल ही में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रलय ने सार्वजनिक विचार प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय दिव्यांगजन नीति का प्रारूप जारी किया है।
उद्देश्यः एक ऐसी प्रणाली की स्थापना करना है, जो दिव्यांजनों के समावेशन और सशत्तिफ़करण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हो। साथ ही जो समाज में उनकी पूर्ण भागीदारी को सुनिश्चित करे और उन्हें उत्पादक, सुरक्षित व गरिमापूर्ण जीवनयापन करने में मदद करे।
नीति में सम्मिलित प्रमुख प्रावधान | |
विनिर्देश | प्रावधान |
प्रारंभिक पहचान | दिव्यांगता की पहचान शुरुआत में कर ली जाए तो बच्चों की अधिकांश दिव्यांगताओं में से एक-तिहाई की रोकथाम की जा सकती है। |
प्रमाणीकरण | दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अधीन शामिल दिव्यांगता के आधार पर बाधारहित दिव्यांगता प्रमाणन की सुविधा प्रदान की जाएगी। |
शिक्षा | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शैक्षिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करते समय दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के अनुपालन संबंधी प्रावधानों को शामिल करना चाहिए। |
स्वास्थ्य | दिव्यांगजनों के लिए सार्वभौमिक कवरेज को सुनिश्चित करते हुए, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के उद्देश्य के साथ समायोजित किया जाएगा। |
अनुसंधान एवं विकास | भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम को कम लागत वाले स्वदेशी सहायक साधनों और सहायक उपकरणों के विकास हेतु अग्रिम भूमिका निभानी चाहिए। |
परिवहन | सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रलय दिव्यांगजनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले व्यत्तिफ़गत वाहनों से जुड़े आवश्यक संशोधनों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा। |
रोजगार पोर्टल | दिव्यांगजनों को विभिन्न स्थानों पर कौशल प्रशिक्षण, रित्तिफ़यों, पात्रता, भर्ती आदि के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाएगा। |
दिव्यांगता खेल केंद्र | दिव्यांगजनों को प्रशिक्षत करने तथा जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पैरालम्पिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं की स्थापना की जाएगी। |
आत्मनिर्भरता | अनुसंधान पर जोर देते हुए, दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों के विनिर्माण के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रोत्साहित करेगा। |
डेटा प्रबंधन | सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के एक राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण हेतु पहले से ही विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना को क्रियान्वित किया गया है। |
दिव्यांगता की रोकथाम पर व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम | दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांगता के सभी पहलुओं और अन्य चिकित्सा स्थितियों को शामिल किया गया है। इसके तहत उन्हीं चिकित्सा को शामिल किया गया है, जिन्हें जोखिमपूर्ण अवस्था के रूप में मान्यता प्रदान की गई हो। |