हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने ‘बांका स्नेहाशीला बनाम तेलंगाना राज्य’ वाद में यह निर्णय दिया है कि कानून और व्यवस्था के उल्लंघन की संभावित आशंका, निवारक निरोध (Preventive Detention) का आधार नहीं हो सकती है ।
निवारक निरोध अनुच्छेद 21 (विधि की सम्यक प्रक्रिया (Due process of law)) के दायरे अंतर्गत होना चाहिए तथा यह अनुच्छेद 22 (मनमाने ढंग से गिरफ्रतारी और निरोध के विरुद्ध सुरक्षा) के साथ सुसंगत होना चाहिए।