स्टेम सेल अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश

स्टेम सेल अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश (National Guidelines for Stem Cell Research) को जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 2017 में बनाया गया, ताकि इस क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके तथा लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया जाए। इसके मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं-

  • स्टेम सेल पर अनुसंधान करने वाले संस्थानों के लिए संस्थागत समिति का पंजीकरण अनिवार्य होता है।
  • यह राष्ट्रीय स्तर पर स्टेम सेल रिसर्च की निगरानी के लिए नेशनल एपेक कमेटी व स्टेम सेल रिसर्च थेरेपी का प्रावधान करता है।
  • यह स्टेम सेल अनुसंधान को तीन वर्गों में बांटता हैं-

अनुज्ञेय (Permissible): इस प्रकार के रिसर्च में नई भ्रूणीय स्टेम सेल/इंडयूसड प्लूरीपोटेंट स्टेम सेल (Induced pluripotent stem cell- iPSC) लाइन्स को शामिल किया जाता है।

प्रतिबंधात्मकः इस प्रकार के रिसर्च पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है, जैसे- IVF (InVitro Fertilization) तकनीक द्वारा ह्यूमन प्रीइंप्लांटेशन इंब्रायो प्राप्त करना तथा रिसर्च करना।

निषिद्धः यह पूरी तरह से निषिद्ध अनुसंधान एवं चिकित्सा गतिविधि से संबंधित है, जैसे- ह्यूमन जर्मप्लाज्म का उपयोग कर चिकित्सा करना।

  • स्टेम सेल चिकित्सा की गैर मान्यता प्राप्त पद्धति पर रोक के लिए ‘स्टेम सेल उत्पाद और डेरिवेटिव’ (Stem Cell Products and Derivatives-SCPD) का आदान-प्रदान निषिद्ध है।

जीन बैंक

  • यह ऐसा बैंक होता है, जहां पौधों एवं जानवरों के आनुवंशिक पदार्थों (जैसे जर्मप्लाज्म) को इकट्टा करके रखा जाता है।
  • यानी, जीन बैंक एक प्रकार का बायो रिपोजिटरी है, जो आनुवंशिक सामग्री को संरक्षित करता है (बीज पौधों, ऊतक संवर्द्धन आदि का संग्रह)।
  • राष्ट्रीय जीन बैंक, दीर्घावधि एवं मध्यम अवधि की संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है एवं सीड जीन बैंक (-18°C), क्रायो जीन बैंक (-170°C से -196°C), इन-विट्रो जीन बैंक (25 डिग्री सेल्सियस) और फील्ड जीन बैंक प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है।