गृह मंत्रलय (एमएचए) ने 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट

गृह मंत्रलय (एमएचए) ने 2020-21 के लिये अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 एक सहानुभूतिपूर्ण और सुधारात्मक कानून है।

  • यह किसी भी भारतीय को नागरिकता से वंचित नहीं करता है।

उद्देश्यः अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदायों के प्रवासियों को नागरिकता देना है।

  • यह 12 दिसंबर, 2019 को अधिसूचित किया गया था और 10 जनवरी, 2020 को लागू हुआ था।