हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचा’ (Indo-Pacific Economic Framework-IPEF)

यह अमेरिका के नेतृत्व वाली एक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, समावेशिता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाने के लिये भाग लेने वाले देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है। आईपीईएफ हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, समग्रता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से भागीदार देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाना चाहता है।

  • इसका आरम्भ टोक्यो में चौथे क्वॉड शिखर सम्मेलन के दौरान हिंद प्रशांत आर्थिक रूप-रेखा की शुरुआत की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने भारत सहित 12 देशों के साथ नए आर्थिक ढांचे की शुरुआत की।
  • इसके सदस्यों में चार क्वाड सदस्यों- अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अलावा प्रारंभिक चरण में अन्य ब्रुनेई, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।

इसके चार मुख्य स्तम्भ है-

  • आपूर्ति- श्रृंखला प्रत्यास्थता/लचीलापन,
  • स्वच्छ ऊर्जा, डीकार्बोनाइजेशन और आधारभूत संरचना,
  • कराधान और भ्रष्टाचार विरोधी पहल,
  • निष्पक्ष और लचीला व्यापार।
  • भारत चार स्तंभों में से तीन आपूर्तिश्रृंखला, कर और भ्रष्टाचार विरोधी और स्वच्छ ऊर्जा हैं पर सहमत हुआ है।