यह RBI की ‘खुली बाजार प्रक्रियाओं’ (OMOs) का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत RBI सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) की खुली बाजार खरीद के विशिष्ट मूल्य का संचालन करता है।
उद्देश्यः विभिन्न वित्तीय बाजार साधनों के मूल्य निर्धारण में सरकारी प्रतिभूति बाजार की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए सरकारी प्रतिभूति बाजार में अस्थिरता से बचना है।
‘यील्ड कर्व’: यह एक ऐसी रेखा है, जो समान क्रेडिट गुणवत्ता वाले, लेकिन अलग-अलग परिपक्वता तिथियों वाले बॉण्ड की ब्याज दर को दर्शाती है। ‘यील्ड कर्व’ का ढ़लान भविष्य की ब्याज दर में बदलाव और आर्थिक गतिविधि को आधार प्रदान करता है।