केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार कुल उत्पन्न अपशिष्ट में से भारत ने वर्ष 2018-2019 में केवल 10% और वर्ष 2017-18 में केवल 3.5% ई-अपशिष्ट का संग्रहण किया है।
इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का तात्पर्य सभी प्रकार के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा उनके पार्ट्स से है, जिन्हें इनके मालिकों द्वारा पुनः उपयोग के प्रयोजन के बिना अपशिष्ट के रूप में परित्यक्त कर दिया जाता है।
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के विद्युत या बैट्री आपूर्ति वाले सर्किट या इलेक्ट्रिकल पार्ट्स शामिल है।