भारतीय राज्यों के मध्य सीमा

राज्य

सीमा की लम्बाई

अन्य तथ्य

नगालैंड- असम

512 किलोमीटर की सीमा साझा

  • दोनों राज्यों के बीच वर्ष 1965 के बाद से सीमा विवाद को लेकर हिंसक संघर्ष चल रहा है।

असम- अरुणाचल प्रदेश

लगभग 800 किलोमीटर से अधिक की सीमा साझा

  • दोनों के बीच सीमा पर सर्वप्रथम वर्ष 1992 में हिंसक झड़प हुई थी। तभी से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अवैध अतिक्रमण और हिंसा शुरू करने के आरोप लगाते रहते हैं।

असम- मेघालय

लगभग 884 किलोमीटर सीमा साझा

  • मेघालय सरकार के आँकड़े बताते हैं कि वर्तमान में दोनों राज्यों के बीच कुल 12 विवादित क्षेत्र हैं।

असम- मिजोरम

लगभग 165 किलोमीटर की सीमा साझा

  • मिजोरम को असम के लुशाई हिल्स (Lushai Hills) जिले के रूप में जाना जाता था।
  • दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद की शुरुआत 1980 के दशक में मिजोरम के गठन के बाद हुई थी, हालाँकि कुछ वर्ष पूर्व असम और मिजोरम की सरकारों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके मुताबिक दोनों राज्यों की सीमाओं पर यथास्थिति बनाई रखी जानी चाहिये, लेकिन इस मुद्दे को लेकर दोनों राज्यों के लोगों के बीच समय-समय पर हिंसक झड़पें होती रहती हैं।
  • दोनों राज्यों के बीच विवाद मुख्य तौर पर ब्रिटिश काल में जारी दो अधिसूचनाओं के कारण उत्पन्न हुआ है। इसमें पहली अधिसूचना वर्ष 1875 में जारी की गई, जिसके माध्यम से लुशाई हिल्स को कछार (वर्तमान असम का एक जिला) के मैदानी इलाकों से अलग किया गया, वहीं दूसरी अधिसूचना वर्ष 1933 में जारी की गई, जिसमें लुशाई हिल्स और मणिपुर के बीच की सीमा का सीमांकन किया गया।

नोटः बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (BEFR) अधिनियम, 1873

  • वर्ष 1824-26 के बीच एंग्लो-बर्मा युद्ध में असम को जीतकर ब्रिटिश अधिकारियों ने पहली बार पूर्वोत्तर क्षेत्र को भारत में मिलाया था।
  • युद्ध के बाद इस क्षेत्र को ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में लाया गया और वर्ष 1873 में ब्रिटिश सरकार ने बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (BEFR) अधिनियम के रूप में अपनी पहली प्रशासनिक नीति लागू की।
  • ब्रिटिश सरकार के अनुसार, इस अधिनियम का उद्देश्य इस क्षेत्र में स्वदेशी जनजातियों की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित करना था, किंतु कई जानकार मानते हैं कि ब्रिटिश सरकार इस अधिनियम के माध्यम से पूर्वोत्तर के बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही थी।
  • ब्रिटिश सरकार ने इसी अधिनियम के माध्यम से इनर लाइन की व्यवस्था की थी।