ब्लू फ्रलैग समुद्र तटों के मानकों का निर्धारण डेनमार्क के कोपनहेगन स्थित ‘फाइंडेशन फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन’ (Foundation for Environment Education - FEE) द्वारा 1985 में शुरू किया गया था। समुद्र तटों को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए यह मुहिम साल 2001 में यूरोप के बाहर दक्षिण अफ्रीका पहुंची। अब इस तरह की मुहिम धीरे-धीरे भारत में भी चल रही है।
मानकः यह स्थानीय अधिकारियों और समुद्र तट संचालकों को चार श्रेणियों में उच्च मानकों (33 मानकों) को प्राप्त करने की चुनौती देता है। ये श्रेणियां हैं- (1) जल गुणवत्ता, (2) पर्यावरण प्रबंधन, (3) पर्यावरण शिक्षा और (4) सुरक्षा।
एजेंडा 2030 और भारतः भारत लंबे समय से सतत विकास के पथ पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है और इसके मूलभूत सिद्धांतों को अपनी विभिन्न विकास नीतियों में शामिल करता आ रहा है।
भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत एजेंडा 2030 के एक महत्त्वपूर्ण लक्ष्य गरीबी दूर करने के उद्देश्यपूर्ति के लिये सबसे निर्धन वर्ग के कल्याण को प्रमुखता दी गई है।