असम-मेघालय सीमा विवाद

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असम-मेघालय के मुख्यमंत्रियों के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के विरुद्ध स्थगन आदेश जारी किया है। न्यायालय द्वारा यह कहा गया है कि राज्यों की सीमा में बदलाव या दो राज्यों के बीच क्षेत्रें की अदला बदली पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा है और यह कार्यपालिका का क्षेत्रधिकार है।

  • मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा दोनों राज्यों के बीच 12 विवादित क्षेत्रें में से कम से कम छः के सीमांकन के लिए 29 मार्च, 2022 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

न्यायालय का पक्ष

  • हाईकोर्ट ने समझौता ज्ञापन को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के उपबंधों के आधार पर रोक लगाया था, जिसके अनुसार संसद की सहमति को आधार बनाया गया था।
  • हाई कोर्ट के अनुसार लागू करने के लिए संसदीय स्वीकृति की आवश्यकता है तथा जब तक अनुच्छेद 3 में निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है, तब तक समझौता ज्ञापन को प्रभावी नहीं किया जा सकता।
  • अनुच्छेद-3 संसद को नए राज्यों के गठन और मौजूदा राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन से संबंधित कानून बनाने का अधिकार देता है।