अखिल भारतीय पीठासीन अधिाकारी सम्मेलन (AIPOC)

अिखल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन, भारत के विधायी निकायों की सर्वोच्च संस्था है, जिसने 2021 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण किया है। 11 जनवरी, 2023 को जयपुर में इसका 83वें अिखल भारतीय सम्मलेन का आयोजन किया गया।

  • पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन 1921 में शिमला में ही आयोजित हुआ था।

डिजिटल संसद एपः इसका आरम्भ जनवरी, 2022 को लोकसभा सचिवालय के द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों के लिए संसद और उनके सांसदों की कार्यवाही की जानकारी हासिल करने हेतु ज्ञात हो की सांसदों के सदन के अंदर लैपटॉप का इस्तेमाल करने पर रोक है।

दिनेश गोस्वामी समितिः आयोग्यता संबंधी निर्णय पर वर्ष 2002 में दिनेश गोस्वामी समिति और न्यायमूर्ति एमएन वेंकटचलैया की अध्यक्षता वाली संविधान समीक्षा समिति ने निम्नलिखित सिफारिश कि थी।

  1. दल-बदल कानून के तहत प्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराने का निर्णय चुनाव आयोग की सलाह पर राष्ट्रपति/राज्यपाल द्वारा लिया जाना चाहिये।
  2. संबंधित सदन के मनोनीत सदस्यों को उस स्थिति में अयोग्य ठहराया जाना चाहिये, यदि वे किसी भी समय किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होते हैं।
  3. एक सदस्य स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है।
  4. एक सदस्य वोट देने से परहेज करता है या वोट के अविश्वास प्रस्ताव में पार्टी व्हीप के विपरीत वोट करता है

वोहरा समिति 1993: इसकी सिफारिश राजनीति के अपराधीकरण से सम्बन्धित थी तथा समिति ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण और उनके राजनीतिक संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए इस समस्या के समाधान के लिये विभिन्न अपराध नियंत्रण संस्थाओं (सीबीआई, इनकम टैक्स, नारकोटिक्स आदि) की सहायता लेने की सलाह दी।