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जलवायु परिवर्तन से बच्चे संक्रामक रोगों की चपेट में: अध्ययन (
- 20 Dec 2021
हाल ही में एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट' (Science of the Total Environment) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के विभिन्न कारक कुल संक्रामक रोगों के 9-18% मामलों के लिये जिम्मेदार है।
महत्वपूर्ण तथ्य: शोधकर्ताओं के अनुसार तापमान, आर्द्रता, वर्षा, सौर विकिरण और हवा की गति जैसे जलवायु परिवर्तन के विभिन्न कारक बच्चों में संक्रामक रोगों जैसे- पेट व आंत संबंधित रोग, श्वसन रोग, वेक्टर-जनित रोग, और त्वचा रोग से महत्वपूर्ण रूप से जुड़े थे।
- ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण (ज्यादातर सर्दी और फ्लू) और जठरांत्र संबंधी संक्रमण (मुख्य रूप से दस्त) का संक्रामक रोग के बोझ में 78% का योगदान है।
- अधिकतम तापमान और आर्द्रता महत्वपूर्ण जलवायु परिवर्तन चालक हैं।
- सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों और बाल मानवमिति (child anthropometry) ने जलवायु-रोग के संबंध को संशोधित किया, जिसमें बच्चे उच्च अनुपात में नाटेपन, वेस्टिंग (कद के अनुपात में कम वजन) और कम वजन की स्थिति से पीड़ित पाए गए।


