नागरिक स्वतंत्रता एवं यूएपीए: अंतर्विरोध एवं संवैधानिकता
- केंद्रीय गृह मंत्रलय (MHA) ने 14 दिसंबर, 2021 को लोकसभा को सूचित किया कि वर्ष 2018, 2019 और 2020 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम [UAPA], के तहत गिरफ्तार किए गए लगभग 53% व्यक्ति 30 वर्ष से कम आयु के थे।
- केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अतीत में यूएपीए में आवश्यकतानुसार संशोधन किये गए हैं तथा वर्तमान में यूएपीए में कोई भी संशोधन विचाराधीन नहीं है।
- अवगत करा दें कि आतंकवाद निरोधक कानून यूएपीए के तहत जमानत मिलना काफी मुश्किल है तथा इसमें पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी को चार्जशीट दािखल करने के लिए 180 दिनों तक का ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अंतरराष्ट्रीय मंचों से अमेरिका का अलग होना: प्रभाव और निहितार्थ
- 2 कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारत में न्याय वितरण में किस प्रकार क्रांति ला सकती है?
- 3 भारत-श्रीलंका मत्स्य विवाद: कारण प्रभाव एवं संभावित समाधान
- 4 भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भरता हेतु नवाचार एवं लागत-प्रभावशीलता आवश्यक
- 5 ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में गिरावट जलवायु अनुकूलता की दिशा में भारत की प्रगति
- 6 क्रिटिकल मिनरल्स भारत के आर्थिक विकास और सुरक्षा का आधार
- 7 भारत का डिजिटल हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर लोचशील वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य पारितंत्र के निर्माण में भारत की क्षमता
- 8 भारत-इंडोनेशिया संबंध द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्धता
- 9 प्रवासी भारतीय विकसित भारत के निर्माण में योगदान
- 10 क्वांटम प्रौद्योगिकी भारत की प्रगति, लाभ एवं चुनौतियां