जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिानियम 1974

जल प्रदूषण के नियंत्रण और रोकथाम तथा देश में पानी की उच्च गुणवत्ताबनाए रखने हेतु इसे वर्ष 1974 में अधिनियमित किया गया था। यह अधिनियम वर्ष 1988 में संशोधित किया गया था। जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) उपकर अधिनियम कुछ औद्योगिक गतिविधियों के व्यक्तियों द्वारा पानी की खपत पर उपकर लगाने के लिये 1977 में अधिनियमित किया गया था।

संवैधानिक प्रावधान

  • संविधान का अनुच्छेद-21 हमें स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार प्रदान करता है और अनुच्छेद 48ए में पर्यावरण के संरक्षण, सुधार और जंगलों तथा वन्य जीवों की सुरक्षा की बात की गई है।
  • इसके अलावा अनुच्छेद 51ए(जी) के तहत भारतीय नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें।
  • सतत विकास लक्ष्यों, यानी SDG के तहत पर्यावरणीय खतरों को कम करने के लिये कुछ लक्ष्य तय किये गए हैं।
  • जून 1972 में स्टॉकहोम में आयोजित मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के निर्णयों को लागू करने के लिये भारत सरकार ने एक अधिनियम बनाया था।
  • अनुच्छेद 253 में अंतरराष्ट्रीय समझौतों को प्रभावी बनाने के लिये कानून बनाने की बात की गई है। इसी के तहत सरकार ने नया कानून बनाया और इसका नाम रखा वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 रखा गया।