उच्चतम न्यायालय द्वारा धान शोधान निवारण अधिानियम में किए गए संशोधानों को सही ठहराना

हाल ही में, उच्चतम न्यायालय द्वारा धन-शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act: PMLA), 2002 में किए गए प्रमुख संशोधनों को सही ठहराया गया।

  • उच्चतम न्यायालय का यह निर्णय वर्ष 2019 में वित्त अधिनियम के माध्यम से PMLA, 2002 में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है।
  • PMLA में हुए संशोधनों द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) को समन जारी करने, गिरफ्रतारी करने और छापेमारी करने की व्यापक शक्तियां प्रदान की गई हैं।
  • साथ ही, निर्दोष साबित होने की जिम्मेदारी आरोपी पर डालते हुए जमानत प्रावधानों को कठोर बना दिया गया है।