टी. एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, 2012

इस मामले में याचिकाकर्ता गोदावर्मन ने सुप्रीम कोर्ट में, आर्टिकल 32 के तहत एक याचिका दायर की और कहा कि यूनियन ऑफ इंडिया और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार को एशियाई जंगली भैंस, एक लुप्त हुई प्रजाति को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित (डायरेक्ट) किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णयः छत्तीसगढ़ राज्य को, केंद्र द्वारा प्रायोजित (स्पॉन्सर), इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ हैबिटेट स्कीम, 2009 के लागू करने का निर्देश दिया, ताकि जंगली भैंसों को विलुप्त होने से बचाया जा सके। गंभीर रूप से लुप्त हुई प्रजातियों और संरक्षण कार्यक्रमों से अलग आवासों को बचाने के लिए पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) कार्यक्रमों पर जोर दिया जाना चाहिए एवं पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम का उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्यजीवों की रक्षा करना है।