प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिककरण’

जनवरी 2022 में खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्रालय ने ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिककरण’ (Pradhan Mantri Formalisation of Micro food processing Enterprises - PMFME) नामक योजना के तहत 10 उत्पादों को ‘एक जिला एक उत्पाद योजना’ के अंतर्गत ब्रांड के रूप में विकसित करने के लिए नाफेड के साथ एक समझौता किया है।

इनमें अमृत फल (गुरुग्राम, हरियाणा के लिए), कोरी गोल्ड धनिया पाउडर (कोटा, राजस्थान के लिए), कश्मीरी शहद एवं मधु शहद (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के लिए) सोमदाना बाजरा (ठाणे, महाराष्ट्र से के लिए) दिल्ली बेक्स की पूर्ण आटे से निर्मित कुकीज (दिल्ली के लिए) शामिल हैं।

मुख्य विशेषताएं:

  • इस योजना पर व्यय होने वाली राशि केंद्र एवं राज्यों के मध्य 60:40 के रूप में साझा की जाएगी।
  • 2,00,000 सूक्ष्म उद्यमों को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (Credit Linked Subsidy) के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थी को लागत का 10% भाग वहन करना होगा शेष राशि ऋण द्वारा प्रदान की जाएगी।

प्रशासनिक और कार्यान्वयन तंत्र :

  • केंद्रीय स्तर पर खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में एक अंतर- मंत्रालयी अधिकार प्राप्त समिति द्वारा योजना की निगरानी की जाएगी।
  • राष्ट्रीय स्तर पर एक पोर्टल की स्थापना की जाएगी जिसमें व्यक्तिगत उद्यमी योजना में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी योजना गतिविधियों का रखरखाव राष्ट्रीय पोर्टल पर किया जाएगा।