क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को वित्तीय संधारणीयता

अगस्त 2022 में केंद्र सरकार ने इन्डियन बैंक एसोसिएशन से सिफारिश की है कि वह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) को वित्तीय रूप से संधारणीय बनाने में सहायता करे।

  • सरकार ने RRBs को वित्तीय रूप से संधारणीय बनाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 के दौरान 10,890 करोड़ रुपये पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया है।
  • इस पूंजी में केंद्र का हिस्सा 5,445 करोड़ रूपए होगा तथा शेष राशि राज्यों और प्रायोजक बैंकों द्वारा योगदान दिया जाएगा।
  • RRBs ने वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2022 में निवल लाभ अर्जित किया है। इससे पहले लगातार दो वर्षों तक RRBs ने घाटा दर्ज किया था।

  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से सम्बंधित मुख्य बिंदु :
    • ये बैंक प्राथमिक प्राप्त क्षेत्रक के लिए 81 प्रतिशत से अधिक ऋण प्रदान करता है।
    • ये ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है।
    • ये ग्रामीण आबादी का बैंकिंग सेवाओं में विश्वास बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं, जिसमें उनमें बचत की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित किया जा सके।
    • ये सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को असान व प्रत्यक्ष वित्त प्रदान करते हैं।
    • ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए ग्रामीण भारत में रोजगार को बढ़ावा देते हैं।