​राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा

भारतीय रेलवे ने भारत 2030 के लिए राष्ट्रीय रेल योजना (एनआरपी) तैयार की है।

इस योजना का उद्देश्य हैः

  • वर्ष 2030 तक ऐसी क्षमता का निर्माण करना है, जो मांग से अधिक रहे तथा 2050 तक की मांग में वृद्धि संबंधी जरूरतों को पूरा करे।
  • माल ढुलाई और यात्री, दोनों क्षेत्रें में 2030 तक वार्षिक आधार पर और वर्ष 2050 तक दशकीय आधार पर यातायात में वृद्धि का पूर्वानुमान करना।
  • 2030 तक माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी को 45% तक बढ़ाने के लिए परिचालन क्षमता और वाणिज्यिक नीति पहलों पर आधारित रणनीति तैयार करना।
  • मालगाडि़यों की औसत गति को वर्तमान के 22 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाकर 50 किलोमीटर प्रतिघंटा करके माल ढुलाई के समय में कमी लाना।
  • रेल परिवहन की कुल लागत को लगभग 30% कम करना और उससे अर्जित लाभों को ग्राहकों को हस्तांतरित करना।
  • भारतीय रेल मार्ग के मानचित्र के परिप्रेक्ष्य में मांग में वृद्धि का आकलन करना और भविष्य में नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि करना।
  • उपरोत्तफ़ अनुरूपता के आधार पर उन अवसंरचनात्मक अड़चनों की पहचान करना, जो भविष्य में मांग में वृद्धि के साथ उत्पन्न होंगी।
  • इन अड़चनों को समय रहते दूर करने के लिए ट्रैक कार्य, सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक में उपयुत्तफ़ तकनीक के साथ परियोजनाओं का चयन करना।

इसका लक्ष्यः कार्बन उत्सर्जन को कम करने और इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के एक अंग के रूप में 2030 तक माल ढुलाई में रेलवे की औसत हिस्सेदारी वर्तमान के 27% से बढ़ाकर 45% करना है। इसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक ‘‘भविष्य के लिए तैयार’’ रेलवे प्रणाली का निर्माण किया जाना है।