​क्रेमर एट अल द्वारा एक हालिया अध्ययन (2022)

इसने यह अनुमान लगाया गया है कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) के माध्यम से सूक्ष्म जीवविज्ञानी संदूषण मुक्त पानी की आपूर्ति से हर साल 5 वर्ष से कम उम्र के 1.36 लाख बच्चों की मौत को रोका जा सकता है। इस प्रकार, जल उपचार से बड़े पैमाने पर शुद्ध लाभ होने की संभावना है और यह स्वच्छ भारत अभियान जैसे कदमों का पूरक है, जिससे स्वच्छता में सुधार के माध्यम से बाल मृत्यु दर को रोका जा सकता है।

  • स्वास्थ सेवाओं के महा निदेशालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रलय के अनुसार, प्रत्येक ग्रामीण घर के दरवाजे पर सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल की उपलब्धता के साथ जल जनित रोग 2019 में 1.8 करोड़ से घटकर 2021 में 59.0 लाख हो गए हैं।