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फ्लोरा ऑफ सिक्किम
- 13 Jul 2021
भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (बीएसआई) द्वारा 7 जुलाई, 2021 को जारी 'फ्लोरा ऑफ सिक्किम - ए पिक्टोरियल गाइड' (Flora of Sikkim – A Pictorial Guide) के अनुसार देश में सभी पुष्पीय पौधों का 27% भारत के 1% से कम भू-भाग वाले राज्य सिक्किम में पाए जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य: 4,912 प्रजातियों के साथ, सिक्किम में 7,096 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैले पुष्पीय पौधों की विविधता बहुत ही अनोखी है।
- देश में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पुष्पीय पौधों की कुल लगभग 18,004 प्रजातियां हैं।
- सिक्किम, जो कंचनजंगा बायोस्फीयर परिदृश्य का एक हिस्सा है, में विभिन्न ऊंचाई वाले पारिस्थितिक तंत्र हैं, जो जड़ी-बूटियों और पेड़ों को बढ़ने और पनपने का अवसर प्रदान करते हैं।
- इस प्रकाशन में जंगली ऑर्किड (wild orchids) की 532 प्रजातियों (जो भारत में पाई जाने वाली सभी आर्किड प्रजातियों का 40% से अधिक है), बुरांस या रोडोडेंड्रोन की 36 प्रजातियो, बांज या ओक की 20 प्रजातियों और उच्च मूल्य वाले औषधीय पौधों की 30 से अधिक प्रजातियों का विवरण है।
अन्य तथ्य: सिक्किम फॉरेस्ट ट्री (एमिटी एंड रेवरेंस) नियम, 2017 [Sikkim Forest Tree (Amity & Reverence) Rules, 2017] के अनुसार, "राज्य सरकार किसी भी व्यक्ति को उसकी निजी भूमि या किसी सार्वजनिक भूमि पर खड़े पेड़ों के साथ स्थानीय रूप से ‘मिथ / मित या मितिनी’ (Mith/Mit or Mitini) के रूप में प्रसिद्ध प्रथा के माध्यम से भाईचारा संबंध स्थापित करने की अनुमति देगी, जिससे लोगों को एक पेड़ को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा"।


