इसमें दुर्लभ वनस्पतियों और जीवों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं
- 01 Apr 2025
31 मार्च 2025 को, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घोषणा की कि इस वर्ष के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान एल नीनो की संभावना नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- एल नीनो और मानसून: एल नीनो, जो केंद्रीय प्रशांत महासागर के तापमान में 0.5°C से 1°C की वृद्धि से जुड़ा है, अक्सर भारत में मानसून वर्षा को कम करता है। हालांकि, इस वर्ष "न्यूट्रल" एल नीनो परिस्थितियाँ रहने की संभावना है।
- पिछले वर्षों का संदर्भ: 2023 में एल नीनो के कारण मानसून में 6% की कमी दर्ज की गई थी, जबकि 2024 में "न्यूट्रल" परिस्थितियों के कारण 8% अधिक बारिश हुई थी।
- गर्मी का पूर्वानुमान: अप्रैल से जून तक भारत में सामान्य से अधिक तापमान और 4-7 हीटवेव दिनों की संभावना है। पूर्वी भारत में इस वर्ष 10 हीटवेव दिनों तक पहुँचने की संभावना है।
- क्षेत्रीय प्रभाव: उत्तर, पूर्वी प्रायद्वीप, मध्य और पूर्वी भारत, और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी अधिक रहने की संभावना है।
- अप्रैल में विस्तृत पूर्वानुमान: IMD अप्रैल में मानसून वर्षा का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करेगा, जिसमें भारतीय महासागर और क्षेत्रीय जलवायु कारकों को ध्यान में रखा जाएगा।
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